Divya Srishti

यक्ष और यक्षिणी: धन, सिद्धि और गुप्त शक्तियों के रक्षक

प्रस्तावना सनातन धर्म की दिव्य सृष्टि में यक्ष और यक्षिणी का स्थान अत्यंत रहस्यमय और महत्वपूर्ण है। इन्हें केवल पौराणिक पात्र मान लेना उनके वास्तविक आध्यात्मिक महत्व को कम करके देखना होगा। वेद, पुराण, तंत्र ग्रंथ और लोक परंपराओं में यक्ष और यक्षिणी को धन, सिद्धि, गुप्त शक्तियों और प्राकृतिक वैभव के रक्षक के रूप […]

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Astrology & Vastu Spirituality & Wellness

वास्तु शास्त्र और प्राचीन निर्माण : भारतीय स्थापत्य का वैदिक विज्ञान

भारत की प्राचीन सभ्यता केवल कला, दर्शन और आध्यात्म का ही संगम नहीं रही, बल्कि यहाँ का निर्माण–विज्ञान भी अद्भुत रूप से विकसित था। आज दुनिया जिन सिद्धांतों को “एनर्जी साइंस”, “जियोमैग्नेटिक बैलेंस”, “इको–आर्किटेक्चर”, “सस्टेनेबल प्लानिंग” जैसे आधुनिक नामों से जानती है, वे सभी सिद्धांत हजारों वर्ष पूर्व भारत में वास्तु शास्त्र के माध्यम से […]

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Rishi

सप्तऋषियों का योगदान: भारतीय संस्कृति का दिव्य स्रोत

परिचय: सप्तऋषि कौन हैं? सप्तऋषि वे महान दिव्य ऋषि हैं, जिन्होंने भारत की आध्यात्मिक और दार्शनिक परंपरा को आकार दिया। वे वेदों के ज्ञान-विस्तारक, मानवता के मार्गदर्शक और धर्म, योग, तपस्या तथा शिक्षा के प्रतीक माने जाते हैं। हिंदू धर्म में ‘सप्तऋषि’ का विशेष स्थान है, क्योंकि उन्होंने समाज को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र—ज्ञान, विज्ञान, […]

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