पितृ दोष: कारण, लक्षण और शास्त्रीय उपाय | जीवन में शांति
पितृ लोक, पितृ दोष और उनके उपाय सनातन धर्म में पितृ (पूर्वज) को देवताओं के समान सम्मान दिया गया है। कहा गया है — “मातृदेवो भव, पितृदेवो भव”। हमारे जीवन में सुख, समृद्धि और संतुलन केवल हमारे कर्मों पर ही नहीं, बल्कि पितृ आशीर्वाद पर भी निर्भर करता है। जब पितृ प्रसन्न होते हैं, तो […]
